| क्रेजी-4
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घर में एक भूतनाथ रहता था
गोवा के ‘नाथ विला’ जैसे आलीशान घर में शाहरूख खान अपनी पत्नी जूही चावला और बेटे अमन सिद्दीकी (बंकू) के साथ किराये पर रहने आते हैं। नाथ विला के बारे में प्रचारित है कि उसमें कोई भूत निवास करता है। यह भूत कोई और नहीं नाथ विला के मालिक कैलाश नाथ (अमिताभ बच्चन) हैं। वह अजीबोगरीब हरकतों के द्वारा बंकू को डराने की कोशिश करते हैं लेकिन बंकू बिल्कुल नहीं डरता। उसकी मान्यता है कि दुनिया में भूत होते ही नहीं हैं। सिर्फ एंजेल (फरिश्ते) होते हैं। बंकू अपने इस एंजेल को नाम देता है भूतनाथ और दोनों की दोस्ती हो जाती है। मूलत: यह पूरी फिल्म बंकू और भूतनाथ की ही है। मां की भूमिका में जूही चावला ने जीवंत और स्वाभाविक अभिनय की उम्दा मिसाल कायम की है। बंकू एक घटना के कारण रूठ जाता है। उसे मनाने के लिए जो गाना फिल्माया गया है उसमें जूही चावला और अमिताभ बच्चन ने अपनी आवाज दी है। ‘तारे ज़मीन पर’ के दर्शील के बाद ‘भूतनाथ’ से अमन के रूप में बॉलीवुड को एक उम्दा और प्रतिभाशाली बाल कलाकार मिला है। भूत की शक्ल में बिग बी का मेकअप अच्छा बन पडा़ है। उन्होंने एक बार फिर अपने बड़े और नायाब अभिनेता होने का परिचय दिया है। कई फिल्मों में अपेक्षाकृत बुरा अभिनय करने के बाद ‘भूतनाथ’ में राजपाल यादव शराबी एंथनी के किरदार में बेहतर काम करते नजर आए हैं। पूरी फिल्म में दर्शकों को डराने–हंसाने और गुदगुदाने के बाद अपने अंत में ‘भूतनाथ’ सहसा बड़ी संजीदगी और संवेदनशीलता के साथ रिश्तों की पड़ताल करने लगती है। भूत बन कर ‘नाथ विला’ में भटकने वाले अमिताभ बच्चन जब अपने मृत्यु पूर्व अतीत को बयान करते हैं तो कई जगह दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं। इस प्रसंग में सहसा अमिताभ की ही चर्चित फिल्म ‘बागबान’ की याद आ जाती है। ‘भूतनाथ’ में कैलाश नाथ इसलिए भूत बन कर भटक रहे हैं क्योंकि मृत्यु के बाद उनके अमेरिका वासी बेटे ने उनका श्राद्ध करना तक मुनासिब नहीं समझा है। फिल्म के अंत में श्राद्ध होने के बाद वह भूत की स्थिति से मुक्त हो जाते हैं। निर्माता : रवि चोपडा़ निर्देशक : विवेक शर्मा कलाकार : अमिताभ बच्चन, जूही चावला, अमन सिद्दीकी, शाहरूख खान (विशेष उपस्थिति), राजपाल यादव संगीत : विशाल–शेखर, सलीम– सुलेमान गीतकार : जावेद अख्तर धीरेंद्र अस्थान |
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संकलन एवं पेज डिजाईनिंग : सुरेन्द्र कुमार देशवाल |